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चींटी और कबूतर (मदद करे एक दूसरे की)


          आप सबने तो चींटी और कबूतर की कहानी सुनी ही होगी, वह दोनों एक दुसरो को कैसे मदद करते है और एक -दूसरे की जान भी बचाते है।
   
         आज से कुछ साल पहले अगर यही धटना रास्ते अकस्मात हो जाय तो कोई भी मदद के लिए नही रुकता ता, क्योंकि पुलिस की इंकार्रवाय में अग्रसर परेशान किया जाता है।इस डर से कोई भी मदद के लिए आगे नही आता था।

       लेकिन आज ऐसा नही है, सरकार, ने आज के दिन किसी भी तरह की रास्ते मे मदद करने वाले लोगों पर कोई भी परेशानी न करके जनता को आगे आने के लिए आज के दिन आग्रह करते है।
   
           जैसे जैसे जमना बदल रहा है, हमारी सोच भी बदल नी चाइए।

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