यह एक प्रेरणा दायक कहानी है। एक तालाब में दो मेंढक रहा करते थे। एक का नाम सोनू ओर दूसरे का नाम मोनू था। दोनों बहोत अच्छे दोस्त भी थे। यह तालाब हमेंशा के लिए हरा-भरा पानी से रहता था। लेकिन कुछ सालों से अच्छी बारिश न होने से तालाब में पानी कम होने लगा। तालाब का सारा पानी सूख गया था। मगर तालाब में एक गढ़ा में पानी भरा हुआ था। वह भी कुछ दिन में सुख जाने वाला था। सोनू ने मोनू से कहा ..... मोनू अभी समय है चलो बाहर चले जाते है। मोनू बो...
एक जंगल था। जंगल मे ज्यादा बारिश होने ने दूर दूर तक कुछ भी दिखाई नही देता था। उस समय लोमड़ी भी जंगल मे भोजन की तलाश उदर- इदर भटक रही थी। लोमड़ी थक कर जंगल मे एक पेड़ के नीचे जा कर बैठ गई। अचानक उसकी नजर ऊपर गई, पेड़ पर एक कौआ बैठा हुआ था। उसके मुंह मे रोटी का एक टुकड़ा था। कौआ को देख लोमड़ी के मुंह मे पानी भर आया। वह कौवे से रोटी छीनने के उपाय सोचने लगा। तबी उसने कौवे को कहा , " कौआ भाई ! मेने सुना है कि आप बहुत अच्छा गीत गाते हो। क्या मुझे गीत नही सुनाओगे ? कौआ अपनी प्रशंसा को सुनकर बहुत खुश हुआ। वह लोमड़ी की बातों में आ गया। गाना गाने के लिए उसने जैसे ही अपना मुंह खोला रोटी का टुकड़ा नीचे गिर गया। लोमड़ी ने झट से वह टुकड़ा उठाया और वहा से भाग गई, और कौवे गीत गाता रहा! ...